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अंतराष्टीय समाचार

वहाबियत और मासूमीन की ज़ियारत का अक़ीदा

ज़ियारत व दर्शन का इस्लाम में विशेष स्थान है और वह मुसलमानों के निकट एक अच्छा कार्य है। मुसलमान शफ़ाअत अर्थात प्रलय के दिन सिफारिश/ तवस्सुल अर्थात सहारा व माध्यम और भले लोगों की क़ब्रों के सम्मान को ऐसी चीज़ मानते हैं जिसमें किसी प्रकार का संदेह नहीं है।


अंतिम अद्यतन (मंगलवार, 20 मई 2014 20:44)

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परमाणु मामले पर वरिष्ठ नेता के विचार

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनई ने बल दिया है कि इस्लामी गणतंत्र ईरान परमाणु विकास व अनुसंधान के मार्ग पर रुकने वाला नहीं है।

 

 

अंतिम अद्यतन (गुरुवार, 10 अप्रैल 2014 09:20)

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हम क्या बयाँ करेंगे फज़ीलते फ़ातिमा ज़हरा

इस में कोई शक नही है कि हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (सलामुल्लाह अलैहा) की ज़ात इस्लाम में सबसे ज़्यादा दीनी, इल्मी, अदबी, मुत्तक़ी व अख़लाक़ी कमालात की हामिल है। आपकी ज़ात इफ़्फ़त व फ़ज़ीलत में तमाम दुनिया की औरतों के लिए आइडियल है।


 

अंतिम अद्यतन (शनिवार, 29 मार्च 2014 11:51)

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एकता मुसलमानों की प्रगति रेखा

वास्तव में हम मुसलमानों को क्या हो गया है?। बहुत आश्चर्य की बात है कि हम सारे मुसलमान एक अल्लाह की इबादत करते हैं, एक पैग़म्बर को मानते हैं, एक ही किताब पर ईमान रखते हैं


 

अंतिम अद्यतन (गुरुवार, 20 मार्च 2014 11:33)

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शहीद मुर्तज़ा मुतहरी

इतिहास में सदैव ऐसे व्यक्ति रहे हैं कि जिन्होंने जीवन में अपने अधिकारों की बलि देकर अंधविश्वासों एवं अज्ञानता से लड़ाई लड़ी है।

 

 

अंतिम अद्यतन (सोमवार, 17 मार्च 2014 20:27)

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