बारकोड

अंतराष्टीय समाचार

इमामत और इमाम की ज़रुरत

इमामत भी तौहीद व नबुव्वत की तरह उसूले दीन में से है। इमामत यानी पैग़म्बरे इस्लाम (स) की जानशीनी और दीनी व दुनियावी कामों में लोगों की रहबरी करना।

 

 

अंतिम अद्यतन (गुरुवार, 01 दिसम्बर 2011 12:51)

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नबियों का मासूम होना

हम पिछले सबक़ में पढ़ चुके हैं कि नबियों के आने का मक़सद लोगों की हिदायत व रहबरी है और यह बात भी अपनी जगह मुसल्लम है कि अगर


 

अंतिम अद्यतन (शनिवार, 19 नवम्बर 2011 12:46)

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दिक़्क़त

يا ويلتى ليتنى لم اتخذ فلانا خليلا

वाय हो मुझ पर, काश फ़लाँ शख़्स को मैंने अपना दोस्त न बनाया होता।

 

अंतिम अद्यतन (बुधवार, 16 नवम्बर 2011 12:42)

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ज़िक्रे ख़ुदा

ऐ अज़ीज़म! इस राह को तै करने के लिए पहले सबसे पहले लुत्फ़े ख़ुदा को हासिल करने की कोशिश करो और कुरआने




अंतिम अद्यतन (गुरुवार, 10 नवम्बर 2011 14:43)

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नज़र अंदाज़ करना

عظموا اقداركم بالتغافل عن الدني من الامور

बेअहमीयत चीज़ों से लापरवाही बरतते हुए उन्हे नज़र अंदाज़ करके अपनी शख़्सियत की हिफ़ाज़त करें।

 

अंतिम अद्यतन (शनिवार, 05 नवम्बर 2011 14:05)

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