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इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम की शहादत

इमाम अली रज़ा अलैहिस्सलाम की बहुत उपाधियां हैं जिनमें सबसे प्रसिद्ध रज़ा है जिसका अर्थ है राज़ी व प्रसन्न रहने वाला। इस उपाधि का बहुत बड़ा कारण यह है कि इमाम महान ईश्वर की हर इच्छा पर प्रसन्न रहते थे

 

 

अंतिम अद्यतन (मंगलवार, 23 दिसम्बर 2014 10:51)

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पैग़म्बरे इस्लाम और इमाम हसन अलैहिमुस्सलाम की शहादत

पैग़म्बरे इस्लाम (स) का स्वर्गवास हुए चौदह सौ वर्ष का समय बीत रहा है परंतु आज भी दिल उनकी याद व श्रृद्धा में डूबे हुए हैं। डेढ अरब से अधिक मुसलमान प्रतिदिन अपनी नमाज़ों में पैग़म्बरे इस्लाम की पैग़म्बरी की गवाही देते हैं, उन पर दुरूद व सलाम भेजते हैं

 

 

अंतिम अद्यतन (रविवार, 21 दिसम्बर 2014 13:06)

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यज़ीद के दरबार में इमाम सज्जाद का ख़ुत्बा

इमाम हुसैन (अ) की शहादत के बाद जब यह लुटा हुआ क़ाफ़ेला एक शहर से दूसरे शहर दर ब दर भटकता हुआ कूफ़े से होता हुआ शाम (सीरिया) पहुँचा और शाम के बाज़ार में घुमाए जाने के बाद यह जब क़ाफ़िला

 

 

अंतिम अद्यतन (शुक्रवार, 19 दिसम्बर 2014 17:37)

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ईश्वरीय वाणी-१०

सूर ए माएदा

सूरे माएदा की आयत संख्या 27 से 31 धरती पर पहले मनुष्य व पहले ईश्वरीय दूत हज़रत आदम और उनके दो बेटों में से एक के दूसरे के हाथों क़त्ल किए जाने की घटना की ओर संकेत करती है।


अंतिम अद्यतन (शुक्रवार, 19 दिसम्बर 2014 17:26)

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आशूर की हृदय विदारक घटना का चालीसवां दिन

आशूर की हृदय विदारक घटना का चालीसवां दिन गुज़र रहा है। आशूर के दिन का ख़्याल आते ही ख़ून, अत्याचार के ख़िलाफ़ आंदोलन, भाले पर इतिहास लिखने वाले अमर बलिदानों के सिर और चेहरे पर तमांचे खाए हुए बच्चों के चेहरे मन में उभरते है।

 

 

अंतिम अद्यतन (सोमवार, 15 दिसम्बर 2014 15:53)

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