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यज़ीद के दरबार में इमाम सज्जाद का ख़ुत्बा

इमाम हुसैन (अ) की शहादत के बाद जब यह लुटा हुआ क़ाफ़ेला एक शहर से दूसरे शहर दर ब दर भटकता हुआ कूफ़े से होता हुआ शाम (सीरिया) पहुँचा और शाम के बाज़ार में घुमाए जाने के बाद यह जब क़ाफ़िला

 

 

अंतिम अद्यतन (शुक्रवार, 19 दिसम्बर 2014 17:37)

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ईश्वरीय वाणी-१०

सूर ए माएदा

सूरे माएदा की आयत संख्या 27 से 31 धरती पर पहले मनुष्य व पहले ईश्वरीय दूत हज़रत आदम और उनके दो बेटों में से एक के दूसरे के हाथों क़त्ल किए जाने की घटना की ओर संकेत करती है।


अंतिम अद्यतन (शुक्रवार, 19 दिसम्बर 2014 17:26)

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आशूर की हृदय विदारक घटना का चालीसवां दिन

आशूर की हृदय विदारक घटना का चालीसवां दिन गुज़र रहा है। आशूर के दिन का ख़्याल आते ही ख़ून, अत्याचार के ख़िलाफ़ आंदोलन, भाले पर इतिहास लिखने वाले अमर बलिदानों के सिर और चेहरे पर तमांचे खाए हुए बच्चों के चेहरे मन में उभरते है।

 

 

अंतिम अद्यतन (सोमवार, 15 दिसम्बर 2014 15:53)

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चेहलुम, इमाम हुसैन की ज़ियारत पर पैदल जाने का सवाब

बहुत संभव है कि किसी के दिमाग़ में यह प्रश्न उठे कि आख़िर क्यों चेहलुम के दिन इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की ज़ियारत को इतना अधिक महत्व दिया गया है? आख़िर क्यों हमें इस दिन को इतने सम्मान और जोश के साथ मनाना चाहिये

 

 

अंतिम अद्यतन (गुरुवार, 04 दिसम्बर 2014 12:05)

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नहजुल बलाग़ा में इमाम अली के विचार-20

नहजुल बलाग़ा में ईमानजैसे विषय को विशेष महत्व प्राप्त है।

ईमान का शाब्दिक अर्थ होता है अपनाना। ईमान शब्द की व्याख्या करते हुए हज़रत अली अलैहिस्सलाम कहते हैं


अंतिम अद्यतन (गुरुवार, 04 दिसम्बर 2014 11:58)

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